मुक्तिधाम की जमीन पर जेसीबी चलवा कर तोड़ दी समाधियां, जांच का विषय July 25, 2020 • ABDUL RAISH छतरपुर। शहर के संकट मोचन तालाब के पास सिंघारी नदी से लगा हुआ मुक्तिधाम इस मुक्तिधाम के सामने स्थित जमीन पर कुछ अति प्राचीन सती की मडिया के अलावा कुछ चबूतरे बने हुए थे लेकिन बीते रोज कुछ लोगों द्वारा उक्त जमीन पर जेसीबी मशीन चलवा कर समतलीकरण करवा दिया गया हालांकि इस आशय की सूचना मिलने के बाद मोहल्ले के कुछ लोग मौके पर भी पहुंचे लेकिन वहां पर मौजूद लोगों के कारण स्थानीय लोग शांत होकर अपने घरों की ओर चले गए। वहां पर रहने वाले कुछ लोगों ने बताया कि मुक्तिधाम के सामने जो जमीन पड़ी हुई है वह सरकारी जमीन है और पहले जब मुक्तिधाम बना नहीं था उस समय वर्तमान मुक्तिधाम के साथ-साथ इस जमीन पर भी अंतिम संस्कार की प्रक्रिया की जाती थी इसके अलावा यहां पर सती की मडिया बनी हुई है जिन्हें उक्त लोग गिराने की हिम्मत तो नहीं जुटा पाए लेकिन उनके द्वारा उक्त जमीन पर जो चबूतरे बने हुए थे उनके मित्रों को ध्वस्त करते हुए जमीन को समतल कर दिया स्थानीय लोगों के मुताबिक मुक्तिधाम के सामने स्थित इस जमीन पर अंतिम संस्कार के साथ-साथ कई लोगों की समाधिया बने होने के साथ-साथ छोटे बच्चों को भी इसी जगह पर दफन किया जाता था इस तरह जिस जमीन में कई दशकों से मुक्तिधाम बना हुआ था और कई समाधिया थी उस जमीन पर जेसीबी चलवा दी गई और यह सब उक्त जमीन पर प्लाटिंग करने के इरादे से किया गया है। हालांकि कुछ लोगों का मत है कि यह जमीन प्राइवेट है और जिनकी जमीन होगी उनके द्वारा इस जमीन पर जेसीबी चलाई गई है लेकिन इस मामले में कई सवाल पैदा हो रहे हैं कि अगर जमीन प्राइवेट है तो फिर कई दशकों से यहां पर अंतिम संस्कार के साथ साथ मासूम बच्चे जिनकी अकाल मौत हो जाती है उन्हें क्यों दफन किया जाता था और यहां पर समाधि कैसे बन गई।