आस्था का केंद्र बना राजनीति का अखाड़ा*
 **मोटे के महावीर मंदिर में की गई लाखों की राशि के गवन मामले का खुलासा कराने एकत्रित हो आम जनमानस : पंडित जवाहरलाल द्विवेदी*
*मंदिर समिति के सदस्यों का आरोप प्रशासन की ओर से कार्यवाही के नाम पर मिल रहा सिर्फ आश्वासन*
*समाजसेवी नेहा सिंह ने एसडीएम को ज्ञापन दिया, कार्यवाही नहीं तो होगा धरना प्रदर्शन*
छतरपुर। बुंदेलखंड के इस अंचल में मोटे के महावीर मंदिर को विशेष आस्था का केंद्र माना जाता है जहां पर रोजाना हजारों श्रद्धालु पवन पुत्र हनुमान जी के दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं मानते हैं और हनुमंत लाल उन मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं, मोटे का महावीर मंदिर जिले का एक ऐसा मंदिर है जहां से कई दिग्गज नेता अपने हर काम की शुरुआत करते हैं लेकिन यह मंदिर इन दिनों राजनीती का अखाड़ा बन चुका है और समिति के सदस्य एक दूसरे पर लाखों रुपए की राशि गवन का आरोप लगा रहे हैं जिसमें मुख्य रूप से समिति के सचिव आनंद शर्मा का नाम सामने आ रहा है जिन पर आरोप है कि करीब 3 से 4 साल में उनके द्वारा करीब 25 लाख रुपए का गवन किया गया है यहां तक की समिति की आवश्यक दस्तावेजों के साथ भी छेड़खानी की गई। समिति के सदस्यों द्वारा इस आशय को लेकर कई शिकायतें एसडीएम से लेकर सिटी कोतवाली में की जा चुकी है लेकिन उनका कहना है कि जांच के नाम पर मात्र उन्हें पिछले 20 दिनों से आश्वासन मिल रहा है ना कोई कार्यवाही हो रही है और प्रशासन न कोई कदम उठा रहा है ऐसे में लोगों की आस्था को ठेस पहुंच रही है। धर्म प्रेमी लोगों ने प्रशासन से यह मांग की है कि अगर मोटे के महावीर मंदिर के सचिव द्वारा इतनी बड़ी राशि का गवन किया गया है तो हनुमान जी को समर्पित राशि समिति को वापस दिलाई जाए और गवनकारी आनंद शर्मा के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए हालांकि अभी तक यह पूरा मामला सिर्फ आवेदनों में सिमट कर रह गया था पर समाजसेवी नेहा सिंह द्वारा मंगलवार को एसडीम छतरपुर को जो आवेदन दिया गया है उसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि अगर तीन दिन में मामले का खुलासा करते हुए कार्रवाई नहीं की गई, हनुमान जी को समर्पित चढ़ावा वापस समिति को नहीं दिया गया तो धर्म प्रेमी जनता एवं समिति सदस्यों के साथ मिलकर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
मोटे के महावीर मंदिर में लाखों की राशि के गवन के मामले में जिन आनंद शर्मा को आरोपी बनाया गया है उनके संबंध में पंडित जवाहरलाल द्विवेदी द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि समिति के सचिव अरुण चौरसिया का वर्ष 2022 में निधन होने के बाद आनंद शर्मा खुद ही सचिव बन गए, समय के साथ हर मामलों में गवन की सुगबुगाहट होती रही लेकिन समिति हर बार मौका देती रही इसी के चलते अशोक अग्रवाल द्वारा अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया गया जिसके बाद आनंद शर्मा ने डॉक्टर विनोद रावत को अध्यक्ष बना दिए और फिर शुरू हुआ आनंद शर्मा का राजपाठ हालांकि जब समिति हर तरीके से हार गई तो उनके द्वारा आवाज उठाई गई और अब यह आवाज छतरपुर शहर के हर हनुमान भक्त की आवाज बनने जा रही है जवाहरलाल द्विवेदी ने बताया कि आस्था के नाम पर श्रद्धालुओं द्वारा जो लाखों रुपए मंदिर को दिए जा रहे हैं उसका दुरुपयोग हो रहा है उनके मुताबिक मामला उजागर होने के बाद जब आनंद शर्मा की सदस्यता रद्द कर दी गई, समिति का खाता होल्ड कर दिया गया, थाने में सूचना दे दी गई, प्रशासन को भी सूचना दी इसके बाद भी आनंद शर्मा द्वारा मंगलवार को ₹20000 निकाल दिए गए, उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मोटे के महावीर मंदिर में लाखों रुपए की राशि के गवन का मामला प्रशासन के साथ-साथ संत समाज तक भी पहुंचा दिया गया है लेकिन प्रशासन से उन्हें सिर्फ आश्वासन मिल रहा है।
*हनुमान जी के साथ न्याय नहीं हुआ तो  होगा धरना प्रदर्शन*
समाजसेवी एवं राष्ट्रीय मानव अधिकार सेवा संगठन की जिला अध्यक्ष धार्मिक कार्यक्रमों में हमेशा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाली नेहा सिंह ने एसडीएम अखिल राठौर को मंगलवार की शाम एक शिकायती आवेदन सौंपा, जिसमें उनके द्वारा मांग की गई है कि पवन पुत्र भगवान हनुमान जी के मंदिर की दान पेटी सहित श्रद्धालुओं द्वारा जो मंदिर विकास के लिए रुपए दान में दिए गए हैं उसे राशि का सचिव आनंद शर्मा द्वारा दुरुपयोग किया गया है तो कड़ी से कड़ी कार्यवाही करते हुए उनके खिलाफ पहले तो मामला दर्ज किया जाए और उसके बाद उक्त राशि मंदिर समिति को वापस दिलाई जाए अगर प्रशासन द्वारा इस पूरे मामले में तीन दिन के अंदर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो हनुमान जी के मंदिर विकास के लिए जिस राशि का गवन हुआ है उस राशि को वापस दिलाने के लिए मैं धर्म प्रेमी जनता एवं समिति सदस्यों के साथ मिलकर प्रशासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन करूंगी।